स्कूली बच्चों के लिए समर कैंप: शिक्षा सचिव ने सभी कलेक्टरों को जारी किया पत्र, प्रतिदिन दो घंटे चलेगा विशेष आयोजन, पढ़ें विस्तृत निर्देश
रायपुर, 20 मई 2026। छात्र-छात्राओं को गर्मी की छुट्टियों के दौरान रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में समर कैंप आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा, लेकिन इस अवधि में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
स्कूलों से लेकर सामुदायिक स्थलों तक होंगे आयोजन
निर्देशों के अनुसार समर कैंप केवल स्कूल परिसरों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि गांवों और शहरों के सामुदायिक स्थलों पर भी आयोजित किए जा सकेंगे। इनमें कला, संगीत, नृत्य, लेखन, खेलकूद जैसी गतिविधियों के साथ विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की व्यवस्था भी की जाएगी।

शैक्षणिक भ्रमण पर रहेगा विशेष जोर
बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान देने के लिए औद्योगिक संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा। इससे छात्रों को वास्तविक जीवन से जुड़ी जानकारी प्राप्त होगी और उनकी समझ विकसित होगी।
पालक-शिक्षक सहभागिता अनिवार्य
समर कैंप के संचालन में शिक्षकों के साथ-साथ पालकों की भागीदारी को भी आवश्यक बताया गया है। कैंप शुरू करने से पहले शाला विकास समिति और पालक-शिक्षक समिति की सहमति लेना अनिवार्य होगा। यह पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक आधार पर सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक संचालित की जाएगी।

स्थानीय संसाधनों से होगा संचालन
विभाग ने स्पष्ट किया है कि समर कैंप के लिए कोई अलग बजट जारी नहीं किया जाएगा। सभी गतिविधियां जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनसहयोग के माध्यम से संचालित की जाएंगी।
कलेक्टर को मिली विशेष जिम्मेदारी
स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समर कैंप की अवधि तय करने और आवश्यकता पड़ने पर इसे बंद करने का अधिकार कलेक्टर को दिया गया है। साथ ही विभाग ने जिला अधिकारियों से कार्यक्रम की नियमित रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग ने उम्मीद जताई है कि यह पहल बच्चों की प्रतिभा निखारने और अवकाश को उपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।










